श्री राम नाम विश्व बैंक समिति
रुपया नहीं, राम नाम ही सबसे बड़ा धन है।
परिचय:
श्री राम नाम विश्व बैंक समिति एक अनूठा आध्यात्मिक संस्थान है, जहाँ किसी मुद्रा का नहीं, बल्कि भगवान के नामों का संकलन और संग्रह किया जाता है। यहाँ भक्तजन श्रीराम, शिव, कृष्ण, राधा आदि के पावन नामों को लेखन के माध्यम से अर्पित करते हैं। यह संस्था पिछले 37 वर्षों से सतत रूप से कार्य कर रही है और अब तक लाखों करोड़ बार भगवान के नाम का लेखन संकलित किया जा चुका है।
हमारा उद्देश्य:
हमारा मुख्य ध्येय है – काम से राम की ओर।
हम सांसारिक जीवन में व्यस्त जनों को भगवान के नाम से जोड़ते हुए उन्हें धर्म, भक्ति और आत्मशुद्धि की ओर ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
हमारी शुरुआत:
संस्था की स्थापना अगस्त 1988 में श्री सीताराम बाबा के दिव्य मार्गदर्शन में हुई। बाबा स्वयं प्रतिदिन प्रभातकाल में राम नाम का जाप किया करते थे। उन्होंने अपने परम शिष्य और बजरंगबली के अनन्य उपासक पंडित कुलदीप तिवारी (रामबाबा) को इस महान कार्य के लिए चुना और राम नाम की शक्ति से परिचित कराया।
आज का स्वरूप:
आज श्री राम नाम विश्व बैंक समिति एक सशक्त और समर्पित संगठन के रूप में विकसित हो चुका है, जो सनातन धर्म के प्रचार, राम नाम लेखन, सामूहिक जाप और धार्मिक जागरूकता के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
💠 राम नाम ही समाधान है।
आइए, इस आध्यात्मिक अभियान का हिस्सा बनें और अपने जीवन को राममय बनाएं।
📜 हमसे जुड़ें, राम नाम लिखें, और पुण्य अर्जित करें।
परम श्रद्धेय स्वामी रामबाबा जी
संस्थापक / संरक्षक
आचार्य श्री रामबाबा जी श्री राम नाम विश्व बैंक समिति के संस्थापक है। जिन्होंने जीवनकाल में लाखों लोगों को प्रेरणा देकर श्री राम नाम से जोड़ा। संस्था के लगभग 37 वर्षों के कार्यकाल में अब तक असंख्य मात्रा में राम नाम लिखा जा चुका है। जोकि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। जिसका सारा श्रेय आचार्य श्री रामबाबा को जाता है। आज वह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके द्वारा शुरू हुआ यह कार्य नित्य निरंतर चल रहा है।

श्री राम नाम विश्व बैंक समिति | जय श्रीराम 🙏