राम नाम जमा करें
गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस में लिखा है
राम नाम सो कल्पतरु, कली कल्याण निवासु। जो सुमिरत भयो भांग ते, तुलसी तुलसीदासु।।
अर्थात्, भगवान श्रीराम का नाम कल्पवृक्ष के समान है, जो इस कलियुग में कल्याण का स्रोत है। तुलसीदास जी कहते हैं कि राम नाम के स्मरण मात्र से उन्होंने स्वयं को भांग जैसे तुच्छ से, तुलसी जैसे पवित्र बना लिया। यानी राम नाम वह शक्ति है, जो असंभव को संभव बना देती है।
यह कैसे कार्य करता है?
📱 पहला तरीका: मोबाइल ऐप के माध्यम से
- हमारे मोबाइल ऐप को डाउनलोड करें
- ऐप में जप प्रारंभ करें
- सदस्य बनें और अपने जप हमें जमा करें
📓 दूसरा तरीका: राम नाम नोटबुक के माध्यम से
- राम नाम लिखने के लिए नोटबुक खरीदें
- उसमें राम नाम लिखें
- सदस्य बनें और अपनी लिखी हुई नोटबुक हमें जमा करें
राम नाम लेखन का महत्व
राम नाम लेखन से:
✅ मन को शांति मिलती है
✅ आत्मा शुद्ध होती है
✅ एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
📓 राम नाम लेखन पुस्तिका खरीदें
हमसे राम नाम लेखन की विशेष नोटबुक प्राप्त करें और उसे भरकर श्री राम नाम विश्व बैंक में जमा करें।
🙏 आप सदस्य बनकर इस सेवा कार्य का हिस्सा बन सकते हैं और हमारे साथ मिलकर राम नाम को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान दे सकते हैं।
राम नाम लिखिए, जीवन को राममय बनाइए।
📿 यह सिर्फ लेखन नहीं, प्रभु से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

